‘मासूम’ नहीं, बिगड़ैल है ये ‘शर्मा’

देहरादून: हरियाणवी संगीत जगत का चर्चित नाम मासूम शर्मा इन दिनों अपने गानों से ज्यादा विवादों को लेकर चर्चा में है। हाल ही में देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून में हुए एक कार्यक्रम के दौरान उनका व्यवहार फिर से सवालों के घेरे में आ गया। छात्रसंघ कार्यक्रम में परफॉर्मेंस देने पहुंचे मासूम शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह मंच से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते नजर आए। इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में माहौल भी बिगड़ गया और छात्रों के बीच झड़प की खबर सामने आई, जिसमें एक छात्र के घायल होने की बात भी कही गई।

बताया गया कि सिंगर ने मंच से कहा कि होटल में उनके साथ कुछ लोगों ने दुर्व्यवहार किया, जिसके चलते वह गुस्से में आ गए और उन्होंने मंच से प्रतिक्रिया दी। हालांकि, इस तरह के सार्वजनिक मंच पर गाली-गलौज ने न केवल छात्रों बल्कि आम लोगों के बीच भी नाराजगी पैदा कर दी। शिक्षा संस्थानों में इस तरह के कार्यक्रमों और कलाकारों के चयन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

यह पहली बार नहीं है जब मासूम शर्मा विवादों में आए हों। इससे पहले वर्ष 2025 में उनके खिलाफ चंडीगढ़ में एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने एक ऐसा गाना गाया जो हिंसा और गन कल्चर को बढ़ावा देता है। इस मामले ने उनके संगीत की प्रकृति और समाज पर उसके प्रभाव को लेकर बहस छेड़ दी थी। कार्यक्रम की शर्तों के उल्लंघन का आरोप भी उन पर लगा था, जिससे उनकी पेशेवर छवि पर असर पड़ा।

इसके अलावा वर्ष 2026 में हरियाणा के जींद में एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयान भी विवाद का कारण बने। बताया गया कि उन्होंने सरपंचों को लेकर टिप्पणी की, जिसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों में नाराजगी फैल गई। कई संगठनों ने उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और उनके कार्यक्रमों के बहिष्कार की चेतावनी भी दी। बढ़ते दबाव के बाद मासूम शर्मा को सफाई देनी पड़ी और अपने बयान को लेकर नरमी दिखानी पड़ी।

इन तमाम घटनाओं को देखें तो मासूम शर्मा के साथ एक पैटर्न साफ नजर आता है, जिसमें मंच पर आक्रामक रवैया, विवादित बयान और फिर बाद में सफाई या माफी शामिल है। कई बार उनके लाइव शो के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें उनका व्यवहार संतुलित नहीं दिखता। यही वजह है कि अब उनके नाम “मासूम” और उनकी सार्वजनिक छवि के बीच बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है।

देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज की ताजा घटना ने एक बार फिर इस बहस को हवा दे दी है कि क्या कलाकारों को अपने व्यवहार और शब्दों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, खासकर तब जब उनके दर्शकों में बड़ी संख्या में युवा छात्र शामिल हों। फिलहाल, मासूम शर्मा का करियर एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां उनका टैलेंट और विवाद दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।

admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *