उर्गम घाटी में भारी भूस्खलन, पांचवें केदार कल्पेश्वर मंदिर का रास्ता बंद

ज्योतिर्मठ। चमोली जिले की ज्योतिर्मठ तहसील स्थित उर्गम घाटी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच पांचवें केदार भगवान कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास भारी भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने से मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र प्रभावित हुआ है। भूस्खलन के कारण मंदिर तक पहुंचने वाला रास्ता भी बाधित हो गया है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है।

बारिश के दौरान पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा आने के बाद मंदिर परिसर के आसपास मलबा जमा हो गया। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मलबे के कारण मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है और श्रद्धालु फिलहाल दर्शन के लिए मंदिर नहीं पहुंच पा रहे हैं।

मलबा हटने के बाद ही सुचारू होगी आवाजाही

भूस्खलन के बाद मंदिर तक जाने वाले मार्ग को साफ करने की आवश्यकता है। मलबा हटाए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं की आवाजाही सामान्य हो सकेगी। बारिश जारी रहने के कारण राहत और मार्ग बहाली का काम भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कल्पेश्वर महादेव मंदिर उर्गम घाटी में स्थित भगवान शिव के पंचकेदारों में से एक प्रमुख धाम है। यहां वर्षभर श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने से इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित होती रहती है।

बारिश से बढ़ी दुश्वारियां

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं। चमोली जिले में भी कई स्थानों पर बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। पहाड़ी मार्गों पर मलबा आने से यातायात बाधित हो रहा है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से लोगों और श्रद्धालुओं से मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करने की अपील की जा रही है। विशेषकर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है। फिलहाल कल्पेश्वर मंदिर क्षेत्र में भूस्खलन के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित है। मार्ग से मलबा हटने और रास्ता सुरक्षित होने के बाद ही मंदिर में दर्शन व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।

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