होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर: भारतीय जहाज पर फायरिंग, वैश्विक तेल सप्लाई पर खतरा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने अब समुद्री मार्गों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। ईरान की नौसेना द्वारा भारतीय झंडा लगे जहाजों को रोकने और कथित तौर पर फायरिंग करने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के मुताबिक, संकट के बीच कुछ समय के लिए होर्मुज मार्ग को खोला गया था, जिसके बाद कई जहाज वहां से गुजरने लगे। लेकिन अचानक ईरान ने अपना रुख बदलते हुए इस मार्ग को बंद करने का फैसला किया और क्षेत्र में मौजूद जहाजों को रोकना शुरू कर दिया। इसी दौरान भारत के दो जहाजों को भी रोका गया।
सबसे बड़ा विवाद उस समय सामने आया जब भारतीय सुपरटैंकर ‘सनमार हेराल्ड’, जो इराक से करीब 20 लाख बैरल तेल लेकर गुजर रहा था, पर ईरानी गनबोट्स द्वारा गोलीबारी किए जाने की खबर सामने आई। इस घटना से जुड़ा एक ऑडियो क्लिप भी सामने आया है, जिसमें जहाज के कप्तान को ईरानी अधिकारियों से तीखी नाराजगी जताते हुए सुना जा सकता है।
ऑडियो में कप्तान सवाल उठाते हैं कि पहले मार्ग की अनुमति देने के बाद अचानक हमला क्यों किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके जहाज को पहले से क्लियरेंस सूची में शामिल किया गया था। इस घटना की पुष्टि यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी की है, जिसमें ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) से जुड़े गनबोट्स का जिक्र किया गया है।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब ईरान की ओर से रेडियो संदेश जारी कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद घोषित कर दिया गया और चेतावनी दी गई कि कोई भी जहाज अब यहां से नहीं गुजर सकता। इसके बाद इलाके में समुद्री गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं।
भारत ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
हालांकि राहत की बात यह है कि ‘सनमार हेराल्ड’ के सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं। शिपिंग महानिदेशालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में मौजूद अन्य भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
